सुक्खू सरकार का दिव्यांगों को बड़ा तोहफा, पेंशन में बढ़ोतरी; अब 1700 की जगह मिलेंगे इतने रुपए

सुक्खू सरकार का दिव्यांगों को बड़ा तोहफा, पेंशन में बढ़ोतरी; अब 1700 की जगह मिलेंगे इतने रुपए

ऑनलाइन न्यूज नेटवर्क (ONN)

हिमाचल प्रदेश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए दिव्यांगों के लिए पेंशन को 1,700 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रति माह करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार को अपने बजट भाषण के दौरान विभिन्न पहलों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल सहायता की दिशा में एक बड़े कदम के रूप में, सरकार साइकोट्रोपिक (मानसिक) रोगों से पीड़ित रोगियों के लिए पुनर्वास गृह स्थापित करेगी। इसके अतिरिक्त, पीएसडब्ल्यूडी (दिव्यांग) छात्रों के लिए छात्रावास की सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिसमें सुंदरनगर में एक समर्पित सुविधा का विस्तार किया जाएगा।

मादक पदार्थों की तस्करी में किशोरों की संलिप्तता पर जताई गई चिंता 

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के लिए एक नयी योजना ‘मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना’ शुरू की जाएगी। इसके अलावा सामाजिक सहायता पहल के तहत, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना का नाम बदलकर मुख्यमंत्री शुभ विवाह योजना कर दिया गया है, जिसमें आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से 51,000 रुपए की वित्तीय सहायता की पेशकश की गई है। नशीली दवाओं के दुरुपयोग के बढ़ते खतरे को देखते हुए, सरकार पूरे राज्य में कोटलाबर (सिरमौर) नशामुक्ति केंद्र की तर्ज पर और केंद्र स्थापित करने की योजना बना रही है। बजट में मादक पदार्थों की तस्करी (चिट्टा) में किशोरों की संलिप्तता पर चिंता जताई गई है और किशोरों के लिए अवलोकन तथा विशेष गृह स्थापित करने के लिए दो करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

बाल कल्याण बुनियादी ढांचे को भी किया जाएगा मजबूत 

बाल कल्याण बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा, जिसके लिए कुल्लू, तोटीकांडी, मशोबरा और कोटल भरड़ में स्थित बाल देखभाल संस्थानों के लिए दो करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। परित्यक्त और तलाकशुदा महिलाओं के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिसमें उनके और उनके बच्चों के लिए वित्तीय और शैक्षिक सहायता शामिल है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एनएलयू) जैसे प्रमुख संस्थानों में प्रवेश और प्रशिक्षण के लिए भी सहायता प्रदान की जाएगी। कुल मिलाकर, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण क्षेत्र के तहत 1,045 करोड़ रुपये का बजट आवंटन किया गया है, जो समावेशी कल्याण और सहायता प्रणालियों पर सरकार के ध्यान को दर्शाता है।

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